और बाकी तो सब मन के विचार हैं,
मेरी सांसो मे तू, मेरी बाहों में तू,
यूँ तो बसा है मेरी निगाहों में तू,
दर- हक़ीकत, मैं इस पार हूँ, तू उस पार है,
और बाकी तो सब मन के विचार हैं,
कुछ जाने पहचाने से, कुछ अंजाने से,
मिलता रहा मैं, दिन भर सारे ज़माने से,
शाम-ए आस पास, बचे चन्द किरदार हैं,
और बाकी तो सब मन के विचार हैं,
तेरी यादों मे, तेरी पलकों के बिछोने में,
हम तो रह लेंगे दिल के किसी भी कोने में,
मिले जाए मगर अपनो का प्यार, वही घर बार है,
और बाकी तो सब मन के विचार हैं,
कभी लगता है, के वो चाँद है,
कभी लगता है, के तू जैसे.
कभी निकलता है, कभी शरमाता है,
दिन ढले ना जाने कहाँ जाता है,
देखता है आसमा से छुप छुप के यूँ,
चिलमन के पीछे से देखती हो तू जैसे.
...कभी लगता है, के वो चाँद है
कभी लगता है, के तू जैसे.
ओढ़ कर आया है वो केशरी आँचल,
आँखो मे लगाया है रात का काजल,
सज-संवर रहा है वो कुछ इस तरह,
लगाके काजल, दुपट्टा ओढती हो तू जैसे
...कभी लगता है, के वो चाँद है,
कभी लगता है, के तू जैसे.
हर अदा है उसमे, बस तेरे जैसी,
कोई ले ले एक निगाह मेरे जैसी,
हर शाम करता रहे दीदार तेरे चेहरे का,
मानो चाँद नही, सामने हो तू जैसे.
...कभी लगता है, के वो चाँद है,
कभी लगता है, के तू जैसे.
बेरंग हैं मेरे नगमे,
रंग-रंगीली खामोशी तेरी.
क्योंकि,
एक रंग है मेरे लबज़ों का,
सौ रंग तेरी खामोशी के.
अपंग हैं मेरे नगमे,
तेज़ रफ़्तार है खामोशी तेरी.
क्योंकि,
एक अंग है मेरे लबज़ों का,
सौ पंख तेरी खामोशी के.
बे-ढंग हैं मेरे नगमे,
मस्तानी है खामोशी तेरी.
क्योंकि,
एक नूर है मेरे लबज़ों का,
सौ ढंग तेरी खामोशी के.
"be silent, it says a lot"
इश्क़ से रोशन एक ज़माना,
मेरा भी था, तेरा भी था.
फूँक दिया जिसको तूने,
वो एक आशियाना,
मेरा भी था, तेरा भी था.
दिन भर मेरी आँखो में रोता था,
रात में तेरी पलकों पे सोता था,
देखा था मिल कर हमने,
वो ख्वाब सुहाना,
मेरा भी था, तेरा भी था.
ना तूने किया कोई मुझसे धोका,
ना मैने तुझको जाने से रोका,
अपने मिलन-जुदाई का,
एक बहाना,
मेरा भी था, तेरा भी था.
इश्क़ से रोशन एक ज़माना,
मेरा भी था, तेरा भी था.
"it wasn't me alone, it was us"
उड़ रहा है तेरा कोई , अरमान हवाओं मे,
इस लिए फैली है तेरी पहचान हवाओं मे|
यूँ सुगंध बिखरी है हर दिशा मे जैसे,
कोई बात पर तूने उड़ा दी है मुस्कान हवाओं मे...
ले जाएँगी तुझको तेरे फलक तक एक दिन,
बस झूल जा इन अनजान हवाओं मे|
शांत आईने सा मेरे ख़यालों का दरिया,
किसिका ख्वाब तिनका बन के उसपे गिरा गया है.
ये लहरें जो उठ रही है मेरे दिल-ओ-जान मे,
किसिके के आने की है फुरकान हवाओं मे|
गुल
जब भी मौत आए मुझको,
घेरे हों तेरी ज़ुल्फो के साए मुझको|
तेरे पहलू में आखरी रात गुज़रे,
फिर नींद से ना कोई जगाए मुझको|
तेरी हथेली को मेरे अश्कों से भिगोने दे,
लिपट के तुझसे ज़रा सा रो लेने दे.
एक बार बिखर जाउ दामन में तेरे,
फिर कोई ज़िंदगी भर ना रुलाए मुझको|
मैं तो ज़िंदा हूँ, गर्म सांसो से तेरी,
हवाओं से कहो गुरूर ना दिखाए मुझको|
मेरे मेहबूब के आँचल में ही है जन्नत मेरी,
कोई और पाक मंज़र हो तो बताए मुझको|
जब भी मौत आए मुझको..
- गुल
मै तेरे शहर का नूर चुराने आया हूँ,
एक कमशिन सी हूर चुराने आया हूँ.
देख के मेरे मज़बूत इरादे,
कर यकीन कुछ तो ज़रूर चुराने आया हूँ.
मै तेरे शहर का नूर चुराने आया हूँ,
अदाएँ उनकी और निखरती है जिस से,
मै वही गुरूर चुराने आया हूँ.
मै तेरे शहर का नूर चुराने आया हूँ,
"GUL”
पिया तोहसे एक पल जुदाई अच्छी नही लगती,
बिन तेरे ये दुनिया हरज़ाइ अच्छी नही लगती.
कब तक रहूँ मै तन्हा यूँ ही,
अब एक मेरी परछाई अच्छी नही लगती.
डूब गयी हूँ तुझमे साजन इतना,
के और कोई गहराई अच्छी नही लगती.
चाहू तुझे मै इतना साजन,
के अब तेरी बुराई अच्छी नही लगती.
रूठो ना तुम ऐसे मुझसे,
तेरी झूठी ये लड़ाई अच्छी नही लगती..
पिया तोहसे एक पल जुदाई अच्छी नही लगती..
"GUL”
कोई मंज़र नही ऐसा,
तू जहाँ नही होता.
कोई देखे निगाहों से मेरी,
के तू कहाँ नही होता.
मेरे पास-पास है तू हर पल,
ये एहसास लफ़ज़ो मे बयाँ नही होता..
जी करता है चूम लू तुझको बाहों मे लेकर,
क्या करूँ मगर क तू यहाँ नही होता..
आज कल तो महफ़िलों मे भी तन्हाई है,
तेरे बिन तो माहॉल भी जवां नही होता.
तू तो बस एक एहसाह है मेरे खुदा,
तेरा और कोई निशाँ नही होता.
"GUL”
कोई तो आह भर रहा था,
अस्कों से निगाह भर रहा था...
सुनाई दे रही थी उसकी तड़फ़,
मे भी चल पड़ा उसकी तरफ..
रोशनी भी ना थी उसके आशियाने मे...
जी रहा था वो एक वीराने मे...
आसुओं से भीगा था दामन उसका,
गम से भारी भारी था मन उसका,
पास जाकर देखा तो वो लगा कुछ मुझसा,
मे भी ये देख कर कुछ देर तो हसा,
पता नही वो मे ही था या मे ना था,
फिर जाना के यारो वहाँ कोई नही एक आईना था ....
“…it was none other...but me…”
GUL
गम के बादलों मे छिपि थी,
एक रोशनी.
अंधेरों के काफिलों मे दबी थी,
एक रोशनी.
बेकरार थी कबसे से खिलने के लिए,
अपने चाँद सितारों से मिलने के लिए.
आज फूट कर निकली है तो बिखरने दो,
एक रोशनी.
कभी पलकों मे छुपा लेती हो,
कभी होठों मे दबा लेती हो,
खोल दो इन्हे, हम पे भी बिखरने दो,
एक रोशनी.
देखा है तुझको मैने मुरझाते हुए,
देखा है तुझको मैने बुझ जाते हुए.
आज मगर तुझसे ही होकर बरस रही है,
एक रोशनी...
"...a light of hope…”
GUL
एक ग़ज़ल कोई ढलते हुए देख रहा हूँ,
तेरे चेहरे को मे खिलते हुए देख रहा हूँ|
तेरी आँखें ही दे गयी हैं तुझको धोका,
तेरे अरमानो को उनमे मचलते हुए देख रहा हूँ|
जाने किसको नशीब होंगे तेरी ज़ुल्फो के ये साए,
कई दिलो को इनमे उलझते हुए देख रहा हूँ|
तुझको पाकर के एक दिन वो सागर हो जाएगा,
तेरे होटो मे कई दरिया छलकते हुए देह रहा हूँ|
सिमट गया है सारा आसमान तेरे चहेरे पर,
तेरे माथे पे चाँद को चमकते हुए देख रहा हूँ|
"...I see…” GUL
रहने दे मेरे हर ओर अंधेरा,
अच्छा लगता है घन-घोर अंधेरा|
चुपके से आकर बैठा है पास मेरे,
करता नहीं है कोई शोर अंधेरा|
तेरी ज़ुल्फो से भी सुंदर है,
बिखरा है चेहरे पे घन-घोर अंधेरा.
महफ़िल सी सजाए बैठे है हम तीनो,
एक मे, एक तन्हाई, और अंधेरा..
"...In the dark…” GUL .
उगने दे मेरे हर ओर सवेरा,
जीवन देता है नया एक और सवेरा.
लाया है संग सारी आवाज़े,
करता है कितना शोर सवेरा.
तेरे आँचल से भी उजला है,
लिपटा है मुझसे घन-घोर सवेरा.
काफिला सा बनता जाता है हरपल,
सौ किर्ने,सौ आवाज़े,और सवेरा..
"...a new life every day…” GUL
चुपके से दिल मे बस जाती है,
कुछ ऐसी तेरी हस्ती है,कुछ ऐसी तेरी ख्याति है..
सादा रूप है तेरा,
सादी तेरी भाषा है,
ऐसा लगता है उसने फ़ुर्सत मे तुझे तराशा है|
ना चाहे कोई मगर तुझपे ग़ज़ल बन जाती है,
कुछ ऐसी तेरी हस्ती है,कुछ ऐसी तेरी ख्याति है..
इस दुनिया से मगर अंजानी है तू,
गंगा सा पावन बहता पानी है तू|
है सब दीवाने तेरे,
जाने किसकी दीवानी है तू,
एक युग की बात नही,
हर युग धरती पर आती है,
कुछ ऐसी तेरी हस्ती है, कुछ ऐसी तेरी ख्याति है..
चुपके से दिल मे बस जाती है,
कुछ ऐसी तेरी हस्ती है,कुछ ऐसी तेरी ख्याति है.
"...the fame…” GUL
तेरे नाम से और निखर जाएगी ग़ज़ल,
बिन तेरे तो बिखर जाएगी ग़ज़ल|
जी रही है तेरी सांसो से,
तुझसे जुदा होके तो मर जाएगी ग़ज़ल|
दर्द इतना भर दूँगा इसमे,
के तेरे सीने मे उतर जाएगी ग़ज़ल|
देख ले एक नज़र भर बस तू,
तो कुछ और संवर जाएगी ग़ज़ल|
लिपट के तुझसे इसको रो लेने दे,
ठुकरा दिया तूने तो किधर जाएगी ग़ज़ल|
मेरी हर ग़ज़ल पे हक़ है गुल तेरा,
तेरे होटो को छुकर मर जाएगी ग़ज़ल|
GUL
ढूँढ रहा हु मे एक नन्ही परी,
मेरे मासूम ख्वाबो जैसी परी|
ए हवा जरा तू ही बता,
मेरे यार का पता|
उड़ती रहती थी तेरे जैसी परी|
...ढूँढ रहा हु मे एक नन्ही परी,.
नदियों - झरनों मे डूबा मे,
जंगल-परबत से भटका मे|
दिखती नही है लेकिन वो मेरी परी,
...ढूँढ रहा हु मे एक नन्ही परी|
मिल जाए कदमो के निसान तो चूम लू,
हो गई क्या ख़ाता मे पूछ लू,
है कहाँ मेरी प्यारी परी,
...ढूँढ रहा हु मे एक नन्ही परी|
“In Search of” GUL
हसती हुई आँखो से गम छुपाया किसने,
तुझको मेरे दिल रात भर रुलाया किसने|
छोड़ आया था तेरी यादों को तेरे दर पर,
इनको मेरे घर का पता बताया किसने|
सो रहा था तेरी यादों का समंदर मुझमे,
मारकर पत्थर लहरो को जगाया किसने|
कर के निकले थे वादा लौट के ना आएँगे,
आ गये, के इस कदर हमको बुलाया किसने|
जीते जी तो ना था मेरा कोई अपना,
मरने के बाद मेरा ज़नाज़ा उठाया किसने|
“That’s you” GUL
बस एक तमन्ना पूरी हो जाए,
लेकर तुझको बाहों मे चाँद उगाए|
.....बस एक तमन्ना पूरी हो जाए..
बैठे हो पेड़ो की छाव मे,
लेकर एक दूजे को बाहों मे|
खोएँ हो एक दूजे मे और,
दूर कहीं सूरज ढल जाए,
....बस एक तमन्ना पूरी हो जाए..
बैठे हो किसी सागर के किनारे,
रेत के पन्नो पर उभरे हो नाम हमारे,
चुपके से आके तेरे पैरों को,
चंचल कोई लहेर छू जाए,
....बस एक तमन्ना पूरी हो जाए..
भटक रहें हो हम परबत-परबत,
नदियो-झरनो से लिपटी हो जन्नत,
घने किसी जंगल मे हम दोनो खो जाए,
....बस एक तमन्ना पूरी हो जाए..
तेरी आँखों से देखे हम दुनिया सारी,
तेरे संग गुज़रे उमर हमारी,
लेकर हाथ तेरा हाथो मे हम,
किसी वादी मे समा जाए|
....बस एक तमन्ना पूरी हो जाए..
बस एक तमन्ना पूरी हो जाए..
"...the lone wish…” GUL