बातें कम हो गयी हैं, लोगों से मुलाक़ातें कम हो गयी हैं|
जब हमारे पास तकनीक उतनी मजबूत नहीं थी, हमारे बीच बातों के रिश्ते काफ़ी मजबूत हुआ करते थे| आज किसी का हाल जानने के लिए, whatApp Status और फ़ेसबुक पोस्ट, जैसी कई सुविधाएँ और रास्ते होने के बावजूद, हमारे उन अपनो का सही हाल पता हम अब भी नहीं लगा पाते हैं|
वो दिन और थे जब उनकी एक "हेलो" सुनकर ही हम उनके चेहरे के भाव नाप लिया करते थे, के आज उनके दिल का आलम कैसा है|
कई बेनामी रिश्ते पनपते थे, जिन्हें नाम का मोहताज़ नहीं होना पड़ता था, वो बस दो दिलों के बीच मजबूत धागों से बँधे होते थे| आज, बिना नाम के ऐसे रिश्तों का वजूद और स्वीकारत्व नहीं होता है| एक लड़का और एक लड़की, या तो भाई-बहन हो सकते हैं, या एक दूसरे के प्यार में डूबे दो दिलवाले, या दो अच्छे दोस्त| हमने मगर इनके अलावा ऐसे रिश्ते भी निभाए थे, जो दोस्ती से बढ़कर हुआ करते थे, मगर प्यार जैसी जलन और दर्द से उनका कोई नाता नहीं हुआ करता था|
ऐसे मासूम रिश्तों की मिसाल आज कल दिखाई नहीं देती है| इन मरते मिटते हुए रिश्तों की कहानियाँ अब भी हमे कभी youtube पर short stories के तौर पर मिल जाया करती हैं, जिन्हे हम भी देखकर कह उठते हैं, के क्या ऐसे रिश्ते भी कहीं होते हैं, वो महरूनी धागों वाले बंधन कहाँ मिलते हैं|
यादें भी अजीब होती हैं, ये अपने आप ही पनपती हैं हमारे दिलों में, और अपने आप ही धुँधला जाती हैं| इन यादों पर हमारा कोई काबू नहीं होता है| कुछ रिश्ते इन्ही धुंधली यादों की तरह मिट जाया करते हैं, और मैं, इन्ही रिश्तों के मेले में खड़ा उन्हे धुँधलाता हुआ देख रहा हूँ|
"मैं ठीक हूँ" ऐसा whatsApp chat या status मे लिखने वाले के चेहरे का भाव या उसकी आवाज़ में छिपा दर्द whatsApp के स्क्रीन में दिखाई नहीं देता है, और ऐसे छिपे दर्द देख लेने वाले वो हमदर्द आज कल मन्नतों के बाद भी नहीं मिला करते हैं| अगर आपके पास ऐसा ही कोई हमदर्द है जो एक सच्चे दोस्त या उस से भी बढ़ कर है, तो आप खुसकिशमत हैं, और उसे कभी अपने से जुदा मत होने दीजिए|
ये ज़रूरी नहीं के आप रोज मिलते हों, रोज बाते होती हों, ज़रूरी ये है के एक दूसरे का ख़याल और आहेसास हरदम रहे| ऐसे रिश्तों को आप आसानी से पहेचान सकते हैं|
१) आपका दिन उनसे बात किए बिना अधूरा है:
चाहे वो दो तीन बातें ही क्यूँ ना हो, मगर आप उनसे दिन में एक बार तो बात करना चाहेंगे| ये बातें किसी आकर्षण में नहीं होती हैं, लेकिन ये बातें इसलिए ज़रूरी हैं क्यूँकि ये वो रिश्ते नहीं हैं जो सिर्फ़ स्वार्थ के लिए निभाए जा रहें हैं, बल्कि ये वो रिस्तें हैं जो जीवन के इन स्वार्थ से कहीं परे और बहुत ऊपर हैं| ये बातें आपका दिन बनाने के लिए काफ़ी हैं, ये बातें आपके दिन भर के झूठे दिखावे वाले रिश्तों से आपको दूर एक ताज़ा आहेसास की तरफ ले जाती हैं| ये बातें कभी आपको नयी राह दिखती हैं, आपके कठिन समय में रोशनी बनकर आती हैं|
ये वो दोस्त हैं जो आपके अंतर्मन की तरह होते हैं| जिस तरह आप कभी भी अपने अंतर्मन से बात कर के जीवन के कठिन समय में रास्ते ढूँढने की कोशिश करते हैं, ठीक उसी तरह ये भी आपके पास, आपके एहसाह में हमेशा रहते हैं, और इनसे, इन बातों के ज़रिए आप अपनी उस रोशनी को पाते हैं|
२) आप जानते हैं या जानना चाहते हैं के हर वक़्त वो क्या कर रहा है :
ये रिश्ते बनते बनते इतना करीब आ जाते हैं के आप उनके बारे में काफ़ी सारी बातें अनुमान लगा लेते हैं, के दिन के इस वक़्त में वो कहाँ होंगे या क्या कर रहे होंगे| अगर कभी आपका ये अनुमान ग़लत हो भी जाता है तो आपको जानना होता है के दरअसल इस वक़्त वो क्या कर रहे होंगे| ये कोई आदत नहीं है, बल्कि ये उनके आपके काफ़ी करीब होने का एक आहेसास है| जब वो आपसे दूर रहते हैं, तब आपके उनके whatsApp status, फ़ेसबुक पोस्ट देखकर ये पता करते हैं के इस वक़्त वो क्या कर रहे हैं| ये आपका उनके लिए, या उनका आपके लिए ख़याल रखने का एक तरीका है|
३) ऐसे लोगों से मिलने के लिए किसी बहाने की ज़रूरत नहीं होती :
प्यार में आप मिलने के लिए सौ बहाने ढूँढा करते हैं, किसी ना किसी वजह से उनके पास जाने की कोशिश करते हैं| मगर प्यार से काफ़ी अलग, इन रिश्तों में आपको किसी बहाने की ज़रूरत नहीं होती है| आप उन्हें कभी भी मिलने के लिए बुला सकते हैं, और उस वक़्त आप किसी बारे में नहीं सोचते हैं, के वक़्त क्या है, माहॉल क्या है| आप उन पर अपना हक़ समझते हैं, और यही बात इन रिश्तों को कुछ अलग ही अनूठा सा रंग देती है|
४) इन्हें भुलाने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ती है:
किसी वजह से अगर ऐसे रिश्तों में दूरियाँ आती है तो आपको इन्हें भूलने में काफ़ी मेहनंत करनी पड़ती है, या ऐसा कहें के इन्हें आप भुला नहीं सकते हैं| इन रिश्तों की जगह और कोई नहीं ले सकता है| आपका प्यार अगर टूट जाए तो आप इन रिश्तों का सहारा ले कर अपना दिल हल्का कर सकते हैं, मगर जब ये रिश्ते टूटते हैं तब आपके पास कोई सहारा नहीं बचता है, और इस दर्द को आपको अंदर ही अंदर सहना पड़ता है|
तो आगर इनमें से किसी भी आहेसास से आप जुड़े हैं, और इसे पढ़ते हुए जिस किसी का भी चेहरा आपके ख़यालों में आता है, तो वही आपका वो दोस्त, वो मजबूत बंधन है, जिसे आपको कभी भी खोना नहीं चाहिए|

